
निवाड़ी। भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय मिशन ऑन इडिबल ऑयल–तिलहन (NMEO-OS) योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत तेल निष्कर्षण इकाइयों (10 टन क्षमता) एवं तिलहनों के प्रसंस्करण हेतु मशीनरी व उपकरणों की स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
योजना के तहत परियोजना लागत पर 33 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 9 लाख 90 हजार रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि, इकाइयों की स्थापना में भूमि एवं भवन लागत पर किसी प्रकार की सहायता नहीं दी जाएगी, और न ही परियोजना लागत की गणना में इसे शामिल किया जाएगा।
इसके साथ ही एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के माध्यम से परियोजना हेतु 3 प्रतिशत ब्याज छूट के साथ ऋण स्वीकृति की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
तेल प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए इच्छुक सार्वजनिक उद्योग, किसान उत्पादक संगठन (FPO) एवं सहकारी समितियाँ
👉 AIF के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
योजना का उद्देश्य देश में तिलहन प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ावा देना, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।

